HRA छूट कैलकुलेटर 2026-27

आयकर नियम, 2026 के नियम 279 के तहत जानें कि आपके मकान किराया भत्ते (HRA) का कितना हिस्सा कर से मुक्त है और कितना कर योग्य।

तथ्यों की आधिकारिक स्रोतों से अंतिम जाँच: 12 सितंबर 2026

महँगाई भत्ता तभी गिना जाता है जब आपकी नियुक्ति की शर्तों में उसका प्रावधान हो। अन्य भत्ते नहीं गिने जाते।

1 अप्रैल 2026 से इन आठ शहरों में वेतन का 50% गिना जाता है; बाकी हर जगह 40%।

साल में कर से छूट पाने वाला HRA

₹1,56,000

1.56 लाख

छूट प्राप्त
65%
कर योग्य
35%
साल में मिला HRA
₹2,40,000
चुकाया गया किराया घटा वेतन का 10%
₹1,56,000
वेतन का 50%
₹3,00,000
कर योग्य HRA
₹84,000

आपका किराया सालाना ₹1,00,000 से ज़्यादा है, इसलिए आपका नियोक्ता मकान-मालिक का नाम, पता और PAN माँगेगा। HRA छूट केवल पुरानी कर व्यवस्था में मिलती है।

HRA छूट क्या है?

मकान किराया भत्ता (HRA) आपके वेतन का वह हिस्सा है जो नियोक्ता किराये के लिए देता है। पुरानी कर व्यवस्था में, अगर आप ऐसे किराये के मकान में रहते हैं जो आपका अपना नहीं है, तो इसका एक हिस्सा कर से मुक्त रहता है। कितना, यह आयकर नियम, 2026 का नियम 279 तय करता है।

सीमा मुंबई, कोलकाता, दिल्ली, चेन्नई, हैदराबाद, पुणे, अहमदाबाद और बेंगलुरु में वेतन का 50% है, और बाकी हर जगह 40%। नई कर व्यवस्था में HRA पर कोई छूट नहीं मिलती।

दोनों कर व्यवस्थाओं में उलझन है? दोनों की तुलना आयकर कैलकुलेटर से करें।

वेतन का एक हिस्सा भविष्य निधि में भी जमा होता है। रिटायरमेंट पर उसका अनुमान EPF कैलकुलेटर से लगाएँ।

HRA की गणना कैसे होती है?

आयकर नियम, 2026 के नियम 279 के अनुसार HRA का छूट प्राप्त हिस्सा इन तीनों में सबसे कम राशि है: वास्तव में मिला HRA; चुकाया गया किराया घटा वेतन का 10%; और मुंबई, कोलकाता, दिल्ली, चेन्नई, हैदराबाद, पुणे, अहमदाबाद या बेंगलुरु में वेतन का 50%, बाकी कहीं भी 40%। यहाँ वेतन का अर्थ बेसिक पे और महँगाई भत्ता है, जहाँ नियुक्ति की शर्तों में उसका प्रावधान हो; अन्य भत्ते और परक्विजिट्स शामिल नहीं होते। HRA का बाकी हिस्सा कर योग्य है। नई कर व्यवस्था में यह छूट उपलब्ध नहीं है।

यह एक अनुमान है, आधिकारिक विवरण नहीं। इसका उपयोग केवल योजना बनाने के लिए करें। सटीक राशि के लिए संबंधित विभाग, बैंक या नियोक्ता से जाँच करें।

HRA छूट का उदाहरण: ₹20,000 HRA, ₹18,000 किराया

बेसिक पे और DA मिलाकर ₹50,000 प्रति माह (सालाना ₹6,00,000) है, HRA ₹20,000 प्रति माह (₹2,40,000) है और बेंगलुरु में किराया ₹18,000 प्रति माह (₹2,16,000) है। किराया घटा वेतन का 10% ₹1,56,000 है; वेतन का 50% ₹3,00,000 है।

छूट इन तीनों में सबसे कम है: साल में ₹1,56,000। HRA का बाकी ₹84,000 कर योग्य है।

शहर तभी मायने रखता है जब वेतन वाली सीमा सबसे छोटी हो। उसी वेतन पर HRA और किराया दोनों ₹30,000 प्रति माह हों, तो आठ नामित शहरों में छूट ₹3,00,000 है, पर बाकी जगह ₹2,40,000।

अलग-अलग किराये पर HRA छूट

बेसिक पे और DA ₹50,000 प्रति माह और HRA ₹20,000 प्रति माह, पूरे साल के लिए।

मासिक किरायाछूट (आठ शहर)छूट (अन्य जगह)कर योग्य HRA (आठ शहर)
₹5,000₹0₹0₹2,40,000
₹10,000₹60,000₹60,000₹1,80,000
₹15,000₹1,20,000₹1,20,000₹1,20,000
₹20,000₹1,80,000₹1,80,000₹60,000
₹25,000₹2,40,000₹2,40,000₹0
₹30,000₹2,40,000₹2,40,000₹0
₹40,000₹2,40,000₹2,40,000₹0

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

HRA छूट की गणना कैसे होती है?

यह तीन राशियों में सबसे कम होती है: आपको वास्तव में मिला HRA; आपके चुकाए किराये में से वेतन का 10% घटाने पर बची राशि; और आठ नामित शहरों में वेतन का 50%, या बाकी जगह 40%। यहाँ वेतन का अर्थ बेसिक पे और DA है।

2026-27 से किन शहरों में HRA की 50% सीमा लागू है?

आयकर नियम, 2026 के नियम 279 के तहत मुंबई, कोलकाता, दिल्ली, चेन्नई, हैदराबाद, पुणे, अहमदाबाद और बेंगलुरु में, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू हुआ। बाकी हर जगह सीमा वेतन का 40% है।

क्या नई कर व्यवस्था में HRA छूट मिल सकती है?

नहीं। आयकर अधिनियम, 2025 की धारा 202 नई व्यवस्था में आय की गणना HRA छूट के बिना करती है। यह छूट केवल तब मिलती है जब आप पुरानी व्यवस्था चुनते हैं।

क्या HRA का दावा करने के लिए मकान-मालिक का PAN चाहिए?

हाँ, अगर कर वर्ष में आपका चुकाया किराया ₹1,00,000 से ज़्यादा है। उस स्थिति में नियोक्ता को दी जाने वाली घोषणा (नियम 205 के तहत फ़ॉर्म 124) में मकान-मालिक का नाम, पता और PAN माँगा जाता है।

अगर मैं किराया नहीं देता तो क्या कुछ HRA छूट पाता है?

नहीं। किराया न देने पर "किराया घटा वेतन का 10%" शून्य होता है, इसलिए छूट ₹0 रहती है और पूरा HRA कर योग्य होता है।