प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान)

संक्षिप्त उत्तर

पीएम-किसान भूमिधारक किसान परिवारों को साल में ₹6,000 की आय सहायता देती है, जो ₹2,000 की तीन बराबर किस्तों में सीधे बैंक खाते में आती है। अब तक 23 किस्तें जारी हो चुकी हैं; 24वीं किस्त की तारीख अभी घोषित नहीं हुई है।

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तथ्यों की आधिकारिक स्रोतों से अंतिम जाँच: 15 सितंबर 2026
आपको क्या मिलेगा
हर किसान परिवार को साल में ₹6,000, जो ₹2,000 की तीन बराबर किस्तों में सीधे लाभार्थी के आधार से जुड़े बैंक खाते में भेजे जाते हैं।
किसके लिए है
पूरे भारत के भूमिधारक किसान परिवार। इस योजना में परिवार का मतलब है पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे।
कार्यान्वयन
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार
दायरा
केंद्र सरकार की योजना — पूरे भारत में लागू
आधिकारिक पोर्टल
pmkisan.gov.in ↗
हेल्पलाइन
155261 (24×7 आईवीआरएस हेल्पलाइन)
यह सरकारी वेबसाइट नहीं है। आवेदन सिर्फ़ आधिकारिक पोर्टल पर करें। यह पेज योजना समझाता है; यहाँ आवेदन नहीं होता। सरकारी पोर्टल पर पंजीकरण मुफ़्त है — जो कोई भी “पास करवाने” के पैसे माँगे, उसे न दें।

पीएम-किसान गाइड

तारीखें

अगली किस्त की तारीख

23वीं किस्त 20 जून 2026 को दी गई थी। 24वीं किस्त की कोई आधिकारिक तारीख अभी नहीं है। यहाँ अब तक जारी हुई हर किस्त, उनके पीछे का पैटर्न, और अगली किस्त से पहले क्या ठीक करना है, दिया गया है।

स्टेटस

लाभार्थी स्थिति

आधिकारिक पोर्टल पर Know Your Status आपको मिली हर किस्त दिखाता है, और वे तीन निशान दिखाता है जो तय करते हैं कि अगली किस्त आएगी या नहीं। इसे कैसे पढ़ें और हर No के लिए क्या करें, यह यहाँ बताया गया है।

ई-केवाईसी

ई-केवाईसी

हर किस्त के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य है। इसे करने के तीन आधिकारिक तरीके हैं — इनमें एक ऐसा भी है जिसमें न ओटीपी लगता है और न अँगूठा — और हर तरीका अलग-अलग हालात के लिए ठीक बैठता है।

सूची

लाभार्थी सूची

पोर्टल गाँव स्तर तक लाभार्थी सूची प्रकाशित करता है। अपने गाँव की सूची कैसे खोलें, उसमें क्या दिखता है, और आपका नाम उसमें न हो तो क्या करें, यह यहाँ दिया गया है।

पीएम-किसान: ताज़ा अपडेट

  1. कैबिनेट ने पीएम-किसान को 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की मंज़ूरी दी

    केंद्रीय मंत्रिमंडल ने योजना को 2026-27 से 2030-31 तक, पाँच साल के लिए, ₹3.15 लाख करोड़ के परिव्यय के साथ जारी रखने की मंज़ूरी दी। पात्र किसान परिवारों को साल में ₹6,000 तीन बराबर किस्तों में मिलते रहेंगे।

    स्रोत: Cabinet approves continuation of the PM-KISAN Scheme from 2026-27 to 2030-31 — Press Information Bureau, 31 July 2026

  2. 23वीं किस्त तारकेश्वर, हुगली (पश्चिम बंगाल) से जारी

    प्रधानमंत्री ने 23वीं किस्त जारी की: 31 जुलाई 2026 की कैबिनेट विज्ञप्ति के अनुसार 9.49 करोड़ से अधिक किसानों को ₹18,984 करोड़ से अधिक। 2019 में योजना शुरू होने से अब तक ₹4.46 लाख करोड़ से अधिक वितरित हो चुके हैं।

    स्रोत: 23rd Instalment of PM-KISAN — Press Information Bureau

  3. 22वीं किस्त गुवाहाटी (असम) से जारी

    लगभग ₹18,640 करोड़ करीब 9.32 करोड़ किसानों को, जिनमें 2.15 करोड़ से अधिक महिलाएँ हैं, डायरेक्ट बेनिफ़िट ट्रांसफ़र से भेजे गए।

    स्रोत: 22nd Instalment of PM-KISAN — Press Information Bureau

  4. 21वीं किस्त कोयंबटूर (तमिलनाडु) से जारी

    ₹18,000 करोड़ लगभग 9 करोड़ किसानों तक पहुँचे। पीआईबी ने भुगतान की शर्त दोहराई: पोर्टल पर ज़मीन का विवरण सीड हो, बैंक खाता आधार से सीड हो, और ई-केवाईसी पूरी हो।

    स्रोत: 21st Instalment of PM-KISAN — Press Information Bureau, 19 November 2025

  5. 20वीं किस्त वाराणसी (उत्तर प्रदेश) से जारी

    9.7 करोड़ से अधिक किसानों को लगभग ₹20,500 करोड़ मिले। इससे पहले 19 किस्तों में ₹3.69 लाख करोड़ भेजे जा चुके थे।

    स्रोत: 20th Instalment of PM-KISAN — Press Information Bureau, 1 August 2025

पीएम-किसान के लिए कौन पात्र है?

पूरे भारत के भूमिधारक किसान परिवार। इस योजना में परिवार का मतलब है पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे। 6 वर्ग इससे बाहर रखे गए हैं — उनकी सूची नीचे है।

  • परिवार भूमिधारक किसान परिवार होना चाहिए — यानी उसके नाम पर खेती की ज़मीन हो।
  • परिवार की परिभाषा है पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे। एक परिवार को एक ही लाभ मिलता है।
  • पात्र किसानों की पहचान राज्य सरकार या केंद्र शासित प्रदेश का प्रशासन योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार करता है।
  • किस्त जारी होने के लिए आधार आधारित ई-केवाईसी पूरी होनी चाहिए और ज़मीन का विवरण पोर्टल पर सीड होना चाहिए।

पीएम-किसान के लिए कौन पात्र नहीं है?

ये अपात्रता शर्तें पात्रता जितनी ही ज़रूरी हैं — नीचे दी किसी भी श्रेणी में आने वाला आवेदन रद्द होगा या बाद में लाभ वसूल किया जाएगा।

  • संस्थागत भूमिधारक।
  • संवैधानिक पदों पर आसीन व्यक्ति, तथा वर्तमान या पूर्व मंत्री, सांसद, विधायक, विधान परिषद सदस्य, महापौर और ज़िला पंचायत अध्यक्ष।
  • केंद्र या राज्य सरकार, सार्वजनिक उपक्रमों और सरकारी स्वायत्त संस्थाओं के कार्यरत या सेवानिवृत्त अधिकारी व कर्मचारी — ग्रुप डी / मल्टी टास्किंग स्टाफ़ को छोड़कर।
  • ₹10,000 या उससे अधिक मासिक पेंशन पाने वाले पेंशनभोगी — ग्रुप डी / मल्टी टास्किंग स्टाफ़ को छोड़कर।
  • जिसने पिछले कर निर्धारण वर्ष में आयकर दिया हो।
  • डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट और आर्किटेक्ट जैसे पंजीकृत पेशेवर और उनके परिवार।

पीएम-किसान के लिए कौन-से दस्तावेज़ चाहिए?

आवेदन से पहले ये 5 दस्तावेज़ तैयार रखें।

  • आधार कार्ड (अनिवार्य — ई-केवाईसी और भुगतान के लिए)
  • राज्य के राजस्व विभाग द्वारा मान्य ज़मीन के कागज़ / खतौनी
  • आधार से जुड़ा बैंक खाता, IFSC सहित
  • आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर (ओटीपी ई-केवाईसी के लिए; ऐप में फ़ेस ऑथेंटिकेशन बिना इसके भी हो जाता है)
  • राज्य द्वारा माँगे गए नागरिकता और श्रेणी संबंधी विवरण

पीएम-किसान के लिए आवेदन कैसे करें?

आवेदन 5 चरणों में होता है, जो नीचे दिए हैं। आधिकारिक पोर्टल pmkisan.gov.in है।

  1. आधिकारिक पीएम-किसान पोर्टल खोलें

    pmkisan.gov.in पर जाएँ। पंजीकरण मुफ़्त है — किसी एजेंट को पैसे न दें।

    आधिकारिक पेज खोलें ↗

  2. New Farmer Registration चुनें

    बताएँ कि आप ग्रामीण किसान हैं या शहरी, फिर आधार नंबर, मोबाइल नंबर और राज्य भरें और कैप्चा पूरा करें।

  3. ज़मीन और बैंक का विवरण भरें

    अपना व्यक्तिगत विवरण, ज़मीन का विवरण ठीक वैसे ही जैसे राजस्व रिकॉर्ड में है, और आधार से जुड़ा बैंक खाता भरें।

  4. ई-केवाईसी पूरी करें

    ई-केवाईसी अनिवार्य है। पोर्टल या पीएम-किसान मोबाइल ऐप पर ओटीपी से, ऐप में फ़ेस ऑथेंटिकेशन से, या कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर बायोमेट्रिक से करें।

    आधिकारिक पेज खोलें ↗

  5. राज्य के सत्यापन की प्रतीक्षा करें

    आपका राज्य या केंद्र शासित प्रदेश आपके ज़मीन के रिकॉर्ड और पात्रता की जाँच करता है। सत्यापन के बाद ही आपका नाम लाभार्थी सूची में जुड़ता है। स्व-पंजीकृत आवेदन की स्थिति पोर्टल पर देखी जा सकती है।

    आधिकारिक पेज खोलें ↗

आधिकारिक सरकारी पोर्टल पर जाएँ ↗

पीएम-किसान का स्टेटस कैसे चेक करें?

स्टेटस 3 चरणों में देखा जाता है, जो नीचे दिए हैं।

  1. पोर्टल पर Know Your Status खोलें

    Know Your Status पेज पर आपका पंजीकरण, ई-केवाईसी, लैंड सीडिंग और आधार–बैंक सीडिंग की स्थिति और आपको मिली किस्तें दिखती हैं।

    आधिकारिक पेज खोलें ↗

  2. अपना पंजीकरण नंबर भरें

    पीएम-किसान पंजीकरण नंबर और कैप्चा भरें, फिर पंजीकृत मोबाइल पर आए ओटीपी से पुष्टि करें। नंबर पता न हो तो Know Your Registration No. में आधार या मोबाइल नंबर डालें।

    आधिकारिक पेज खोलें ↗

  3. तीनों स्थितियाँ पढ़ें

    ई-केवाईसी, लैंड सीडिंग और आधार–बैंक सीडिंग — हर एक के आगे Yes या No लिखा होता है। जहाँ No है, वह ठीक होने तक किस्त रुकी रहती है — समाधान नीचे दी सूची में है।

किस्त का इतिहास

अब तक की हर किस्त, नई से पुरानी, सरकारी घोषणा की तारीख के साथ। जिस किस्त पर “अभी घोषित नहीं” लिखा है, उसकी कोई आधिकारिक तारीख नहीं है — जो भी साइट तारीख बता रही है, वह अनुमान लगा रही है।

किस्तजारी होने की तारीखराशिविवरण
24वींअभी घोषित नहीं₹2,000अभी कोई आधिकारिक तारीख नहीं। किस्तें लगभग हर चार महीने में आई हैं; ई-केवाईसी और लैंड सीडिंग अभी पूरी कर लें ताकि घोषणा होने पर आप छूट न जाएँ।
23वीं₹2,000तारकेश्वर, हुगली, पश्चिम बंगाल। ₹18,984 करोड़ से अधिक, 9.49 करोड़ से अधिक किसान। [स्रोत]
22वीं₹2,000गुवाहाटी, असम। ~₹18,640 करोड़, ~9.32 करोड़ किसान। [स्रोत]
21वीं₹2,000कोयंबटूर, तमिलनाडु। ₹18,000 करोड़, 9 करोड़ किसान। [स्रोत]
20वीं₹2,000वाराणसी, उत्तर प्रदेश। ~₹20,500 करोड़, 9.7 करोड़ से अधिक किसान। [स्रोत]
19वीं₹2,000भागलपुर, बिहार — योजना की छठी वर्षगाँठ पर। [स्रोत]
18वीं₹2,000वाशिम, महाराष्ट्र। [स्रोत]

पीएम-किसान का आवेदन क्यों रद्द होता है, और समाधान क्या है?

ज़्यादातर रद्द आवेदन और अटके भुगतान कुछ गिने-चुने रिकॉर्ड मिसमैच की वजह से होते हैं। अपनी समस्या नीचे खोजें।

भौतिक सत्यापन होने तक भुगतान रोका गया है
पोर्टल पर सूचना है कि विभाग ने ऐसे संदिग्ध मामले चिह्नित किए हैं जो अपात्रता की शर्तों में आ सकते हैं — मुख्यतः वे किसान जिन्होंने 1 फ़रवरी 2019 के बाद ज़मीन का स्वामित्व लिया, और वे परिवार जिनमें एक से अधिक सदस्य लाभ ले रहे हैं (पति-पत्नी, या एक वयस्क और एक नाबालिग)। ऐसे मामलों में भुगतान रद्द नहीं, बल्कि भौतिक सत्यापन पूरा होने तक रोका गया है। अपना रिकॉर्ड ऐसा है या नहीं, यह Know Your Status या किसान ई-मित्र चैटबॉट पर देखें।
ई-केवाईसी में No दिख रहा है
पोर्टल या ऐप पर ओटीपी से, पीएम-किसान ऐप में फ़ेस ऑथेंटिकेशन से (न ओटीपी चाहिए, न अँगूठा), या CSC पर बायोमेट्रिक से ई-केवाईसी पूरी करें। स्थिति Yes होते ही अगली किस्त से भुगतान फिर शुरू हो जाता है।
लैंड सीडिंग में No दिख रहा है
आपका ज़मीन का रिकॉर्ड पंजीकरण से जुड़ा नहीं है। अपनी खतौनी या ज़मीन के कागज़ लेकर राज्य या ज़िला नोडल अधिकारी, या स्थानीय कृषि/राजस्व कार्यालय से संपर्क करें ताकि राज्य उसे सीड कर सके।
आधार–बैंक सीडिंग में No दिख रहा है
आपका बैंक खाता डीबीटी के लिए आधार से जुड़ा नहीं है। बैंक शाखा जाकर खाते में आधार सीड करवाएँ और NPCI मैपर में सक्रिय करवाएँ। डाकघर बचत खाते में भी यही हो सकता है।
आधार, ज़मीन के रिकॉर्ड और बैंक में नाम अलग-अलग है
वर्तनी का छोटा-सा अंतर भी भुगतान रोक देता है। जो रिकॉर्ड गलत है — बैंक, राजस्व कार्यालय या आधार — उसे वहीं ठीक करवाएँ ताकि तीनों एक जैसे हों, फिर Farmers Corner के सुधार विकल्प से अपडेट करें।
ई-केवाईसी के लिए ओटीपी नहीं आता
आपका मोबाइल नंबर आधार से जुड़ा नहीं है। पीएम-किसान ऐप में फ़ेस ऑथेंटिकेशन इस्तेमाल करें, जिसमें न ओटीपी लगता है न अँगूठा, या CSC पर बायोमेट्रिक ई-केवाईसी करवाएँ। पोर्टल पर पंजीकृत मोबाइल नंबर भी अपडेट किया जा सकता है।
सत्यापन के बाद अपात्र घोषित
ऊपर दी अपात्रता सूची देखें। आयकरदाता, ₹10,000 या अधिक मासिक पेंशन वाले, सरकारी कर्मचारी और पंजीकृत पेशेवर अपात्र हैं, और अपात्र व्यक्ति को मिला लाभ वसूला जाता है। यदि आपको लगता है कि यह गलत है, तो प्रमाण लेकर ज़िला नोडल अधिकारी से मिलें।
बैंक खाता बंद, निष्क्रिय या बदल गया
सीड किया गया खाता निष्क्रिय हो तो डीबीटी असफल हो जाता है। खाता फिर चालू करवाएँ, या Farmers Corner के सुधार विकल्प और अपने बैंक के ज़रिए नया आधार-लिंक्ड खाता सीड करवाएँ।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

पीएम किसान की 24वीं किस्त कब आएगी?

कोई तारीख घोषित नहीं हुई है। 23वीं किस्त 20 जून 2026 को जारी हुई थी और किस्तें लगभग हर चार महीने में आई हैं, लेकिन सरकार हर किस्त की पुष्टि प्रेस सूचना ब्यूरो के ज़रिए कुछ ही दिन पहले करती है। उससे पहले कोई भी साइट तारीख बताए तो वह अनुमान है। इस समय का उपयोग यह पक्का करने में करें कि ई-केवाईसी, लैंड सीडिंग और आधार–बैंक सीडिंग तीनों Yes हों।

पीएम-किसान में कितना पैसा और कितनी बार मिलता है?

पात्र किसान परिवारों को साल में ₹6,000, ₹2,000 की तीन बराबर किस्तों में सीधे बैंक खाते में मिलते हैं।

मेरी पीएम-किसान की किस्त क्यों नहीं आई?

सबसे आम कारण हैं अधूरी ई-केवाईसी, ज़मीन का रिकॉर्ड सीड न होना, या बैंक खाता आधार से न जुड़ा होना। pmkisan.gov.in पर Know Your Status खोलें — वहाँ आपके पंजीकरण नंबर के आगे साफ़ दिखता है कि इनमें से क्या बाकी है, और इस पेज की समाधान सूची में हर एक का हल है।

मेरा पीएम-किसान का पैसा क्यों रोका गया है?

ई-केवाईसी, लैंड सीडिंग और बैंक सीडिंग के आम कारणों के अलावा, विभाग ने उन मामलों में भुगतान अस्थायी रूप से रोका है जो उसे अपात्रता की शर्तों में आते लगते हैं — मुख्यतः 1 फ़रवरी 2019 के बाद ज़मीन का स्वामित्व लेने वाले किसान, और वे परिवार जिनमें एक से अधिक सदस्य लाभ ले रहे हैं, जैसे पति और पत्नी, या एक वयस्क और एक नाबालिग। पोर्टल के अनुसार यह रोक भौतिक सत्यापन पूरा होने तक है। इसलिए किसी तकनीकी गड़बड़ी का अनुमान लगाने से पहले Know Your Status पर अपना रिकॉर्ड देख लें।

क्या पीएम-किसान के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य है?

हाँ। पोर्टल या ऐप पर ओटीपी से, पीएम-किसान मोबाइल ऐप में फ़ेस ऑथेंटिकेशन से, या कॉमन सर्विस सेंटर पर बायोमेट्रिक से इसे पूरा किया जा सकता है।

क्या पति और पत्नी दोनों को अलग-अलग पीएम-किसान मिल सकता है?

नहीं। योजना में परिवार का मतलब पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे हैं, और एक परिवार को एक ही लाभ मिलता है।

क्या आयकर देने वाले पीएम-किसान के पात्र हैं?

नहीं। जिसने पिछले कर निर्धारण वर्ष में आयकर दिया हो, वह और उसका परिवार योजना से बाहर है।

क्या पीएम-किसान की कोई हेल्पलाइन है?

हाँ। योजना की 24×7 आईवीआरएस हेल्पलाइन 155261 है, जिस पर आप अपनी लाभार्थी स्थिति भी सुन सकते हैं। पूरा संपर्क विवरण पोर्टल के Contact Us पेज पर है।

पीएम किसान का पैसा कब आएगा?

24वीं किस्त की तारीख अभी घोषित नहीं हुई है। 23वीं किस्त 20 जून 2026 को जारी हुई थी। तारीख PIB या pmkisan.gov.in पर घोषणा के बाद ही पता चलती है — उससे पहले पक्की तारीख बताने वाली कोई भी साइट अनुमान लगा रही है। घोषणा होते ही यह पेज अपडेट होगा।

पीएम किसान लाभार्थी लिस्ट में अपना नाम कैसे देखें?

pmkisan.gov.in पर Farmers Corner खोलें और Beneficiary List चुनें, फिर अपना राज्य, ज़िला, उप-ज़िला, ब्लॉक और गाँव चुनकर Get Report दबाएँ। सूची में उस गाँव के वे सभी पंजीकृत लाभार्थी दिखते हैं जिनका राज्य सत्यापन पूरा हो चुका है। इससे यह पता नहीं चलता कि ताज़ा किस्त मिली या नहीं — उसके लिए Know Your Status देखें।

अपने राज्य से आवेदन

पीएम-किसान केंद्र सरकार की योजना है, इसलिए हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में लागू है। सत्यापन और राज्य द्वारा जारी दस्तावेज़ों की ज़रूरत राज्य के हिसाब से अलग हो सकती है।

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