सुकन्या समृद्धि योजना (सुकन्या समृद्धि खाता)
संक्षिप्त उत्तर
सुकन्या समृद्धि योजना बालिका के नाम का लघु बचत खाता है, जिस पर जुलाई–सितंबर 2026 में 8.2% वार्षिक ब्याज मिलता है, सालाना चक्रवृद्धि। खाते से मिलने वाली राशि कर-मुक्त है, और नई कर व्यवस्था न चुनने पर जमा राशि पर कटौती मिलती है।
- आपको क्या मिलेगा
- बालिका के नाम का सरकारी गारंटी वाला बचत खाता, जिस पर 1 जुलाई से 30 सितंबर 2026 तक 8.2% वार्षिक ब्याज, सालाना चक्रवृद्धि — दर वित्त मंत्रालय अधिसूचित करता है और हर तिमाही संशोधित होती है। खाते से मिलने वाली राशि, परिपक्वता राशि सहित, आयकर अधिनियम, 2025 की अनुसूची II के तहत कर-मुक्त है; और नई कर व्यवस्था न चुनने पर जमा राशि पर धारा 123 (पहले धारा 80C) के तहत, अन्य पात्र निवेशों के साथ सालाना ₹1,50,000 तक कटौती मिलती है।
- किसके लिए है
- बालिका के माता-पिता या कानूनी अभिभावक, जो बालिका के नाम पर खाता खोलते हैं।
- कार्यान्वयन
- राष्ट्रीय बचत संस्थान, आर्थिक कार्य विभाग, वित्त मंत्रालय
- दायरा
- केंद्र सरकार की योजना — पूरे भारत में लागू
- आधिकारिक पोर्टल
- www.nsiindia.gov.in/InternalPage.aspx?Id_Pk=89 ↗
सुकन्या समृद्धि के लिए कौन पात्र है?
बालिका के माता-पिता या कानूनी अभिभावक, जो बालिका के नाम पर खाता खोलते हैं।
- खाता माता-पिता या कानूनी अभिभावक बालिका के नाम पर खोलते हैं।
- खाता खोलने की तारीख को बालिका की उम्र 10 वर्ष से कम हो।
- प्रति बालिका एक ही खाता।
- एक परिवार अधिकतम दो बालिकाओं के खाते खोल सकता है — जुड़वाँ या तीन बच्चों के जन्म जैसे निर्दिष्ट मामलों में तीसरा खाता भी खुल सकता है।
सुकन्या समृद्धि के लिए कौन-से दस्तावेज़ चाहिए?
आवेदन से पहले ये 4 दस्तावेज़ तैयार रखें।
- बालिका का जन्म प्रमाण-पत्र
- माता-पिता या अभिभावक का पहचान और पते का प्रमाण (आधार, पैन, पासपोर्ट, वोटर आईडी)
- अभिभावक और बालिका की फ़ोटो
- डाकघर या बैंक का खाता खोलने का फ़ॉर्म
सुकन्या समृद्धि के लिए आवेदन कैसे करें?
आवेदन 4 चरणों में होता है, जो नीचे दिए हैं। आधिकारिक पोर्टल www.nsiindia.gov.in/InternalPage.aspx?Id_Pk=89 है।
डाकघर या अधिकृत बैंक चुनें
सुकन्या समृद्धि खाता किसी भी डाकघर या अधिकृत वाणिज्यिक बैंक की शाखा में खोला जा सकता है।
खाता खोलने का फ़ॉर्म भरें
बालिका और अभिभावक के विवरण के साथ SSA फ़ॉर्म भरें और जन्म प्रमाण-पत्र व केवाईसी दस्तावेज़ लगाएँ।
प्रारंभिक जमा करें
खाता खोलने के लिए न्यूनतम राशि जमा करें। जमा नकद, चेक, डिमांड ड्राफ़्ट या जहाँ बैंक सुविधा दे वहाँ ऑनलाइन हो सकती है।
हर साल खाता सक्रिय रखें
जमा अवधि में हर वित्त वर्ष कम से कम न्यूनतम राशि जमा करें। चूक होने पर खाता अनियमित हो जाता है और उसे दोबारा चालू करने के लिए जुर्माना देना पड़ता है।
ज़रूरी लिंक
ये सभी लिंक आधिकारिक सरकारी पोर्टल पर जाते हैं। इन्हें सेव कर लें — मिलते-जुलते नाम वाली नकली साइटें इन्हीं कामों के पैसे लेती हैं।
| आपको क्या चाहिए | आधिकारिक पेज |
|---|---|
| खाता योजना के नियम राष्ट्रीय बचत संस्थान, वित्त मंत्रालय | www.nsiindia.gov.in/InternalPage.aspx?Id_Pk=89 ↗ |
| ब्याज दर का इतिहास हर तिमाही की अधिसूचित दर | www.nsiindia.gov.in/InternalPage.aspx?Id_Pk=179 ↗ |
| डाकघर की बचत योजनाएँ इंडिया पोस्ट: खाता यहाँ खुलता है | www.indiapost.gov.in/banking-services/savings ↗ |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सुकन्या समृद्धि योजना की वर्तमान ब्याज दर क्या है?
1 जुलाई से 30 सितंबर 2026 तक योजना पर 8.2% वार्षिक ब्याज है, सालाना चक्रवृद्धि — यह दर 1 जनवरी 2024 से नहीं बदली है। लघु बचत दरें वित्त मंत्रालय हर तिमाही अधिसूचित करता है, इसलिए योजना बनाने से पहले राष्ट्रीय बचत संस्थान या इंडिया पोस्ट की वेबसाइट पर चालू तिमाही की दर देख लें।
सुकन्या समृद्धि खाता किस उम्र में खुल सकता है?
बालिका के 10 वर्ष की होने से पहले, माता-पिता या कानूनी अभिभावक द्वारा उसके नाम पर।
एक परिवार कितने सुकन्या समृद्धि खाते खोल सकता है?
प्रति बालिका एक खाता, और प्रति परिवार अधिकतम दो खाते। जुड़वाँ या तीन बच्चों के जन्म जैसे निर्दिष्ट मामलों में तीसरा खाता खोला जा सकता है।
क्या सुकन्या समृद्धि योजना कर-मुक्त है?
खाते से मिलने वाली राशि, परिपक्वता राशि सहित, आयकर अधिनियम, 2025 की अनुसूची II के तहत कर-मुक्त है। जमा राशि पर धारा 123 (पहले धारा 80C) के तहत, अन्य पात्र निवेशों के साथ सालाना ₹1,50,000 तक कटौती भी मिलती है — लेकिन केवल तब, जब आप नई कर व्यवस्था न चुनें, क्योंकि उसमें यह कटौती नहीं मिलती।
सुकन्या समृद्धि खाता कहाँ खोलें?
किसी भी डाकघर या अधिकृत वाणिज्यिक बैंक की शाखा में। बालिका का जन्म प्रमाण-पत्र, अपने केवाईसी दस्तावेज़ और फ़ोटो साथ ले जाएँ।
अपने राज्य से आवेदन
सुकन्या समृद्धि केंद्र सरकार की योजना है, इसलिए हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में लागू है। सत्यापन और राज्य द्वारा जारी दस्तावेज़ों की ज़रूरत राज्य के हिसाब से अलग हो सकती है।