मुख्यमंत्री महिला रोज़गार योजना (बिहार)

संक्षिप्त उत्तर

बिहार हर परिवार की एक महिला को अपना रोज़गार शुरू करने के लिए ₹10,000 देता है, और काम चल निकले तो आगे ₹2 लाख तक। योजना 26 सितंबर 2025 को शुरू हुई, जब एक साथ 75 लाख महिलाओं के खाते में ₹10,000 भेजे गए।

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तथ्यों की आधिकारिक स्रोतों से अंतिम जाँच: 7 सितंबर 2026
आपको क्या मिलेगा
अपनी पसंद का रोज़गार या स्वरोज़गार शुरू करने के लिए पहले ₹10,000, सीधे महिला के बैंक खाते में। काम शुरू होने के छह महीने बाद उद्यम का आकलन होता है, और प्रदर्शन के आधार पर ₹2 लाख तक की आगे की सहायता मिल सकती है। प्रशिक्षण दिया जाता है, और राज्य ने कहा है कि लाभार्थियों के सामान की बिक्री के लिए गाँवों और शहरों में हाट बाज़ार बनाए जाएँगे।
किसके लिए है
बिहार के हर परिवार की एक महिला। योजना राज्य के स्वयं सहायता समूह नेटवर्क से चलती है, जिसमें जीविका के लगभग 11 लाख समूह हैं।
कार्यान्वयन
ग्रामीण विकास विभाग, बिहार सरकार — क्रियान्वयन बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति (जीविका) द्वारा
दायरा
राज्य सरकार की योजना — बिहार
आधिकारिक पोर्टल
mmry.brlps.in
आवेदन सिर्फ़ आधिकारिक पोर्टल पर करें। यह पेज योजना समझाता है; यहाँ आवेदन नहीं होता। सरकारी पोर्टल पर पंजीकरण मुफ़्त है — जो कोई भी “पास करवाने” के पैसे माँगे, उसे न दें।

महिला रोज़गार योजना: ताज़ा अपडेट

  1. योजना शुरू; एक साथ 75 लाख महिलाओं को ₹10,000

    प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग से योजना शुरू की और उससे जुड़ चुकी 75 लाख महिलाओं के बैंक खातों में एक साथ ₹10,000 भेजे गए। उन्होंने कहा कि हर परिवार में कम से कम एक महिला लाभार्थी होगी, और शुरुआती ₹10,000 उद्यम के प्रदर्शन के आधार पर ₹2 लाख तक बढ़ सकते हैं।

    स्रोत: Prime Minister Shri Narendra Modi launches Bihar's Mukhyamantri Mahila Rojgar Yojana — Press Information Bureau, 26 September 2025

महिला रोज़गार योजना के लिए कौन पात्र है?

  • आप बिहार में रहने वाली महिला हों।
  • योजना राज्य के हर परिवार की एक महिला को शामिल करने के लिए बनी है।
  • आपका इरादा कोई रोज़गार या आजीविका शुरू करने का हो — शुरुआत में किराना, बर्तन, प्रसाधन, खिलौने और स्टेशनरी की दुकानें, और पशुपालन जैसे गाय-भैंस पालन और मुर्गीपालन उदाहरण के तौर पर गिनाए गए थे।
  • ग्रामीण आवेदिकाएँ जीविका स्वयं सहायता समूहों के ज़रिए आती हैं; शहरी आवेदिकाएँ योजना के अलग शहरी पोर्टल पर पंजीकरण करती हैं।

महिला रोज़गार योजना के लिए कौन-से दस्तावेज़ चाहिए?

  • आधार कार्ड
  • अपने नाम का आधार से जुड़ा बैंक खाता — ₹10,000 डायरेक्ट बेनिफ़िट ट्रांसफ़र से आता है, और जन धन, आधार व मोबाइल की यही कड़ी इसे संभव बनाती है
  • उसी खाते से जुड़ा मोबाइल नंबर, सत्यापन और सूचना के लिए
  • जीविका समूह से आवेदन कर रही हों तो स्वयं सहायता समूह की सदस्यता का विवरण

महिला रोज़गार योजना के लिए आवेदन कैसे करें?

  1. पहले आधिकारिक पोर्टल देखें

    mmry.brlps.in योजना का अपना पोर्टल है, जिसे जीविका चलाती है। पात्रता की निश्चित शर्तें, दस्तावेज़ों की सूची और आवेदन का रास्ता वहीं प्रकाशित होते हैं — किसी और बात पर भरोसा करने से पहले उन्हें वहाँ पढ़ें।

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  2. ग्रामीण क्षेत्र में अपने जीविका स्वयं सहायता समूह से जाएँ

    योजना का क्रियान्वयन बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति स्वयं सहायता समूह नेटवर्क के ज़रिए करती है, इसलिए ग्रामीण आवेदिकाओं के लिए समूह और उसकी सामुदायिक कार्यकर्ता ही रास्ता हैं।

  3. शहरों और कस्बों में शहरी पोर्टल का उपयोग करें

    शहरी आवेदिकाओं के लिए जीविका का अलग पोर्टल mmryurban.brlps.in है, जिस पर अपना पंजीकरण फ़ॉर्म है।

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  4. बैंक खाता ट्रांसफ़र के लिए तैयार रखें

    सहायता डायरेक्ट बेनिफ़िट ट्रांसफ़र है, इसलिए खाता आपके अपने नाम का और आधार से जुड़ा होना चाहिए। आवेदन निःशुल्क है — फ़ॉर्म के या मंज़ूरी दिलाने के पैसे कोई नहीं माँग सकता।

  5. छह महीने बाद आकलन की उम्मीद रखें

    उद्यम शुरू होने के छह महीने बाद उसका आकलन होता है, और काम कैसा चला इसके आधार पर ₹2 लाख तक की आगे की सहायता स्वीकृत हो सकती है।

आधिकारिक सरकारी पोर्टल पर जाएँ

महिला रोज़गार योजना का स्टेटस कैसे चेक करें?

  1. पोर्टल पर भुगतान की स्थिति वाला पेज खोलें

    योजना के पोर्टल पर अपना भुगतान-स्थिति पेज है: mmry.brlps.in/payment-status। आपके ₹10,000 जारी हुए या नहीं, यह देखने की यही एकमात्र आधिकारिक जगह है।

    आधिकारिक पेज खोलें ↗

  2. पोर्टल न खुले तो थोड़ी देर बाद फिर देखें

    भारी लोड में सरकारी पोर्टल अक्सर त्रुटि पेज दिखाते हैं। स्टेटस या सूची में नाम देखने का दावा करने वाली मिलती-जुलती साइटों का इस्तेमाल न करें — आधिकारिक डोमेन brlps.in है, और उसके अलावा कोई योजना की ओर से नहीं बोलता।

महिला रोज़गार योजना का आवेदन क्यों रद्द होता है, और समाधान क्या है?

ज़्यादातर रद्द आवेदन और अटके भुगतान कुछ गिने-चुने रिकॉर्ड मिसमैच की वजह से होते हैं। अपनी समस्या नीचे खोजें।

बैंक खाता आधार से नहीं जुड़ा, या आपके अपने नाम पर नहीं है
पैसा डायरेक्ट बेनिफ़िट ट्रांसफ़र से जाता है, इसलिए वह उसी आधार-सीडेड खाते में पहुँच सकता है जो लाभार्थी के अपने नाम पर हो। बैंक से खाते में आधार सीड करवाएँ और डीबीटी सक्षम करवाएँ।
उसी परिवार की कोई दूसरी महिला पहले ही शामिल हो चुकी है
योजना प्रति परिवार एक महिला के आधार पर बनी है। आपको लगे कि दर्ज व्यक्ति आपके परिवार की इकाई का हिस्सा नहीं है, तो दूसरा आवेदन करने के बजाय अपने जीविका समूह या प्रखंड कार्यालय में बात रखें।
आप किसी गैर-आधिकारिक सूची में नाम खोज रही हैं
भुगतान की स्थिति योजना के अपने पोर्टल mmry.brlps.in/payment-status पर आती है। दूसरी वेबसाइटों और मैसेजिंग ऐप पर घूमती सूचियाँ आधिकारिक नहीं हैं, और उनमें से कई पैसे माँगती हैं।

राज्य-वार जानकारी

  • 7 सितंबर 2026 को हमारी अंतिम जाँच के समय योजना के दोनों पोर्टल नहीं खुल रहे थे — mmry.brlps.in पर गेटवे त्रुटि और शहरी पोर्टल पर सर्वर कॉन्फ़िगरेशन त्रुटि आ रही थी। इसलिए इस पेज की हर बात पत्र सूचना कार्यालय, प्रधानमंत्री कार्यालय और डीडी न्यूज़ से ली गई है, पोर्टल से नहीं।
  • इसी कारण हम इस योजना के लिए उम्र, आय या जाति की कोई विस्तृत शर्त नहीं छाप रहे, और जो साइट छाप रही हो उस पर भरोसा न करें। पोर्टल दोबारा चालू होने पर उसी के पात्रता और दस्तावेज़ पेज अंतिम प्रमाण हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मुख्यमंत्री महिला रोज़गार योजना में कितने पैसे मिलते हैं?

शुरुआत में ₹10,000, सीधे महिला के बैंक खाते में। उद्यम शुरू होने के छह महीने बाद उसका आकलन होता है, और प्रदर्शन के आधार पर ₹2 लाख तक की आगे की सहायता मिल सकती है।

बिहार महिला रोज़गार योजना के लिए कौन पात्र है?

बिहार के हर परिवार की एक महिला, जो कोई रोज़गार या आजीविका शुरू करना चाहती हो। ग्रामीण आवेदिकाएँ जीविका स्वयं सहायता समूहों से और शहरी आवेदिकाएँ योजना के शहरी पोर्टल से आती हैं। विस्तृत शर्तें mmry.brlps.in पर प्रकाशित होती हैं, और जो आँकड़े पोर्टल ने नहीं बताए, वे हम नहीं दोहराते।

महिला रोज़गार योजना की पेमेंट स्टेटस या लिस्ट कैसे देखें?

योजना के अपने पोर्टल के भुगतान-स्थिति पेज mmry.brlps.in/payment-status से। दूसरी वेबसाइटों पर डाली गई लाभार्थी सूचियाँ आधिकारिक नहीं हैं, और कुछ तो उसी काम के पैसे लेती हैं जो पोर्टल मुफ़्त करता है।

मुख्यमंत्री महिला रोज़गार योजना कब शुरू हुई?

26 सितंबर 2025 को। प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग से इसे शुरू किया और उसी दिन एक साथ 75 लाख महिलाओं के खातों में ₹10,000 भेजे गए।

महिला रोज़गार योजना कौन चलाता है?

बिहार सरकार का ग्रामीण विकास विभाग नोडल विभाग है, और क्रियान्वयन बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति — जीविका — स्वयं सहायता समूह नेटवर्क से करती है, जिसमें राज्य में लगभग 11 लाख समूह हैं।

₹10,000 किस काम में लगाए जा सकते हैं?

अपनी पसंद का रोज़गार या स्वरोज़गार शुरू करने में। शुरुआत के मौके पर किराना, बर्तन, प्रसाधन, खिलौने और स्टेशनरी की दुकानें, और गाय-भैंस पालन तथा मुर्गीपालन जैसे पशुपालन के काम उदाहरण के तौर पर गिनाए गए थे, और प्रशिक्षण भी दिया जाता है।

क्या ₹10,000 पाने के लिए किसी को पैसे देने पड़ते हैं?

नहीं। योजना निःशुल्क है। पंजीकरण कराने, सूची में नाम जुड़वाने या भुगतान छुड़वाने के पैसे माँगने वाला कोई भी व्यक्ति सरकार की ओर से नहीं है।