पीएम सूर्य घर: मुफ़्त बिजली योजना

संक्षिप्त उत्तर

पीएम सूर्य घर घरों की छत पर सोलर लगाने के लिए केंद्रीय सब्सिडी देती है — 1 किलोवाट सिस्टम पर ₹30,000, 2 किलोवाट पर ₹60,000 और 3 किलोवाट या बड़े पर ₹78,000 — ताकि परिवार अपनी बिजली खुद बना सकें। योजना 31 मार्च 2027 तक खुली है।

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तथ्यों की आधिकारिक स्रोतों से अंतिम जाँच: 7 सितंबर 2026
आपको क्या मिलेगा
पहले 2 किलोवाट पर ₹30,000 प्रति किलोवाट, और उससे ऊपर 3 किलोवाट तक की क्षमता पर ₹18,000 प्रति किलोवाट केंद्रीय वित्तीय सहायता। यानी 1 किलोवाट पर ₹30,000, 2 किलोवाट पर ₹60,000, और 3 किलोवाट या उससे बड़े सिस्टम पर अधिकतम ₹78,000। समूह आवास सोसायटी और रेजिडेंट वेलफ़ेयर एसोसिएशन को साझा सुविधाओं के लिए, ईवी चार्जिंग सहित, ₹18,000 प्रति किलोवाट मिलता है — प्रति घर 3 किलोवाट की दर से अधिकतम 500 किलोवाट तक, जिसमें सोसायटी के निवासियों के अपने लगाए संयंत्र भी गिने जाते हैं। विशेष श्रेणी के राज्यों को प्रति किलोवाट 10% अतिरिक्त मिलता है।
किसके लिए है
पूरे भारत के आवासीय परिवार जिनके पास उपयुक्त छत और वैध बिजली कनेक्शन हो।
कार्यान्वयन
नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE)
दायरा
केंद्र सरकार की योजना — पूरे भारत में लागू
आधिकारिक पोर्टल
pmsuryaghar.gov.in ↗
यह सरकारी वेबसाइट नहीं है। आवेदन सिर्फ़ आधिकारिक पोर्टल पर करें। यह पेज योजना समझाता है; यहाँ आवेदन नहीं होता। सरकारी पोर्टल पर पंजीकरण मुफ़्त है — जो कोई भी “पास करवाने” के पैसे माँगे, उसे न दें।

पीएम सूर्य घर के लिए कौन पात्र है?

पूरे भारत के आवासीय परिवार जिनके पास उपयुक्त छत और वैध बिजली कनेक्शन हो।

  • आवेदक भारतीय परिवार हो जिसकी छत सोलर पैनल सिस्टम लगाने के लिए उपयुक्त हो।
  • परिवार के पास पंजीकृत उपभोक्ता संख्या वाला वैध बिजली कनेक्शन हो।
  • परिवार ने पहले छत पर सोलर की सब्सिडी न ली हो।
  • सब्सिडी आवासीय उपभोक्ताओं के लिए है; सीमा 3 किलोवाट स्थापित क्षमता पर लागू होती है।

पीएम सूर्य घर के लिए कौन-से दस्तावेज़ चाहिए?

आवेदन से पहले ये 5 दस्तावेज़ तैयार रखें।

  • कनेक्शन का बिजली बिल या उपभोक्ता संख्या
  • आधार कार्ड या अन्य पहचान प्रमाण
  • संपत्ति या छत के स्वामित्व का प्रमाण
  • सब्सिडी हस्तांतरण के लिए बैंक खाता विवरण
  • डिस्कॉम माँगे तो पासपोर्ट आकार की फ़ोटो

पीएम सूर्य घर के लिए आवेदन कैसे करें?

आवेदन 5 चरणों में होता है, जो नीचे दिए हैं। आधिकारिक पोर्टल pmsuryaghar.gov.in है।

  1. राष्ट्रीय रूफ़टॉप सोलर पोर्टल पर पंजीकरण करें

    pmsuryaghar.gov.in पर अपने राज्य, बिजली वितरण कंपनी (डिस्कॉम) और उपभोक्ता संख्या के साथ मोबाइल नंबर व ईमेल से पंजीकरण करें।

    आधिकारिक पेज खोलें ↗

  2. लॉगिन करें और व्यवहार्यता मंज़ूरी के लिए आवेदन करें

    उपभोक्ता संख्या और मोबाइल नंबर से साइन इन करें, फिर रूफ़टॉप सोलर आवेदन फ़ॉर्म जमा करें। कुछ भी लगाने से पहले डिस्कॉम तकनीकी व्यवहार्यता जाँचती है।

  3. पंजीकृत विक्रेता से सिस्टम लगवाएँ

    व्यवहार्यता मंज़ूर होने पर पोर्टल पर अपनी डिस्कॉम के साथ पंजीकृत विक्रेता चुनें। पंजीकृत विक्रेता से ही लगवाने पर सब्सिडी की पात्रता बनी रहती है।

  4. नेट मीटरिंग के लिए आवेदन करें

    स्थापना के बाद पोर्टल पर संयंत्र का विवरण जमा करें और नेट मीटर के लिए आवेदन करें। डिस्कॉम निरीक्षण कर मीटर लगाती है।

  5. बैंक विवरण जमा करें और सब्सिडी पाएँ

    डिस्कॉम कमीशनिंग प्रमाण-पत्र जारी करे तो पोर्टल पर बैंक खाता विवरण और रद्द चेक जमा करें। सब्सिडी आपके खाते में आ जाती है।

आधिकारिक सरकारी पोर्टल पर जाएँ ↗

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

पीएम सूर्य घर में कितनी सब्सिडी मिलती है?

बेंचमार्क कीमतों पर केंद्रीय सब्सिडी 1 किलोवाट सिस्टम के लिए ₹30,000, 2 किलोवाट के लिए ₹60,000 और 3 किलोवाट या बड़े सिस्टम के लिए ₹78,000 है। सब्सिडी की सीमा 3 किलोवाट है, इसलिए बड़े सिस्टम पर अधिक केंद्रीय सहायता नहीं मिलती।

पीएम सूर्य घर की सब्सिडी कैसे तय होती है?

पोर्टल इसे प्रति किलोवाट की सीधी दर से बताता है: पहले 2 किलोवाट पर ₹30,000 प्रति किलोवाट, फिर 2 से 3 किलोवाट के बीच ₹18,000 प्रति किलोवाट, और कुल सब्सिडी की सीमा ₹78,000। विशेष श्रेणी के राज्यों को प्रति किलोवाट 10% अतिरिक्त मिलता है।

मुझे छत पर कितने किलोवाट का सोलर सिस्टम चाहिए?

पोर्टल क्षमता को आपकी औसत मासिक बिजली खपत से जोड़ता है: महीने में 150 यूनिट तक के लिए 1–2 किलोवाट, 150 से 300 यूनिट के लिए 2–3 किलोवाट, और 300 यूनिट से ऊपर के लिए 3 किलोवाट से बड़ा सिस्टम। ध्यान रहे कि केंद्रीय सब्सिडी 3 किलोवाट पर रुक जाती है, इससे आगे की क्षमता का खर्च आपका अपना होगा।

पीएम सूर्य घर के लिए कब तक आवेदन कर सकते हैं?

राष्ट्रीय पोर्टल के अनुसार योजना 31 मार्च 2027 को बंद हो रही है। 6 सितंबर 2026 तक पोर्टल पर 11,56,845 आवेदन, 6,67,043 रूफ़टॉप सोलर संस्थापन और 7,93,382 लाभान्वित परिवार दर्ज थे।

क्या समूह आवास सोसायटी को पीएम सूर्य घर की सब्सिडी मिलती है?

हाँ। समूह आवास सोसायटी और रेजिडेंट वेलफ़ेयर एसोसिएशन को साझा सुविधाओं के लिए, ईवी चार्जिंग सहित, ₹18,000 प्रति किलोवाट मिलता है — प्रति घर 3 किलोवाट की दर से अधिकतम 500 किलोवाट तक। निवासियों के पहले से लगाए अपने संयंत्र भी इसी सीमा में गिने जाते हैं।

क्या मैं खुद सोलर लगवाकर बाद में सब्सिडी ले सकता हूँ?

नहीं। पहले डिस्कॉम से व्यवहार्यता मंज़ूरी लेनी होगी और राष्ट्रीय पोर्टल पर पंजीकृत विक्रेता से ही लगवाना होगा। मंज़ूरी से पहले लगवाने या अपंजीकृत विक्रेता से लगवाने पर सब्सिडी जा सकती है।

क्या आवेदन के लिए घर अपना होना ज़रूरी है?

जिस संपत्ति या छत पर सिस्टम लगेगा उसके स्वामित्व का प्रमाण चाहिए, साथ में परिवार के नाम का वैध बिजली कनेक्शन।

पीएम सूर्य घर की सब्सिडी कहाँ आती है?

स्थापित सिस्टम के लिए डिस्कॉम के कमीशनिंग प्रमाण-पत्र जारी करने के बाद, पोर्टल पर आपके जमा किए बैंक खाते में।

अपने राज्य से आवेदन

पीएम सूर्य घर केंद्र सरकार की योजना है, इसलिए हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में लागू है। सत्यापन और राज्य द्वारा जारी दस्तावेज़ों की ज़रूरत राज्य के हिसाब से अलग हो सकती है।

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