पीएम सूर्य घर: मुफ़्त बिजली योजना
पीएम सूर्य घर घरों की छत पर सोलर लगाने के लिए केंद्रीय सब्सिडी देती है — 1 किलोवाट सिस्टम पर ₹30,000, 2 किलोवाट पर ₹60,000 और 3 किलोवाट या बड़े पर ₹78,000 — ताकि परिवार अपनी बिजली खुद बना सकें।
- आपको क्या मिलेगा
- 2 किलोवाट तक के सिस्टम पर सोलर यूनिट लागत का 60% और 2 से 3 किलोवाट के बीच की अतिरिक्त लागत का 40% केंद्रीय वित्तीय सहायता। बेंचमार्क कीमतों पर यह 1 किलोवाट सिस्टम के लिए ₹30,000, 2 किलोवाट के लिए ₹60,000 और 3 किलोवाट या बड़े के लिए ₹78,000 बैठता है। सब्सिडी की सीमा 3 किलोवाट है।
- किसके लिए है
- पूरे भारत के आवासीय परिवार जिनके पास उपयुक्त छत और वैध बिजली कनेक्शन हो।
- कार्यान्वयन
- नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE)
- दायरा
- केंद्र सरकार की योजना — पूरे भारत में लागू
- आधिकारिक पोर्टल
- pmsuryaghar.gov.in ↗
कौन पात्र है
- आवेदक भारतीय परिवार हो जिसकी छत सोलर पैनल सिस्टम लगाने के लिए उपयुक्त हो।
- परिवार के पास पंजीकृत उपभोक्ता संख्या वाला वैध बिजली कनेक्शन हो।
- परिवार ने पहले छत पर सोलर की सब्सिडी न ली हो।
- सब्सिडी आवासीय उपभोक्ताओं के लिए है; सीमा 3 किलोवाट स्थापित क्षमता पर लागू होती है।
ज़रूरी दस्तावेज़
- कनेक्शन का बिजली बिल या उपभोक्ता संख्या
- आधार कार्ड या अन्य पहचान प्रमाण
- संपत्ति या छत के स्वामित्व का प्रमाण
- सब्सिडी हस्तांतरण के लिए बैंक खाता विवरण
- डिस्कॉम माँगे तो पासपोर्ट आकार की फ़ोटो
पीएम सूर्य घर के लिए आवेदन कैसे करें
राष्ट्रीय रूफ़टॉप सोलर पोर्टल पर पंजीकरण करें
pmsuryaghar.gov.in पर अपने राज्य, बिजली वितरण कंपनी (डिस्कॉम) और उपभोक्ता संख्या के साथ मोबाइल नंबर व ईमेल से पंजीकरण करें।
लॉगिन करें और व्यवहार्यता मंज़ूरी के लिए आवेदन करें
उपभोक्ता संख्या और मोबाइल नंबर से साइन इन करें, फिर रूफ़टॉप सोलर आवेदन फ़ॉर्म जमा करें। कुछ भी लगाने से पहले डिस्कॉम तकनीकी व्यवहार्यता जाँचती है।
पंजीकृत विक्रेता से सिस्टम लगवाएँ
व्यवहार्यता मंज़ूर होने पर पोर्टल पर अपनी डिस्कॉम के साथ पंजीकृत विक्रेता चुनें। पंजीकृत विक्रेता से ही लगवाने पर सब्सिडी की पात्रता बनी रहती है।
नेट मीटरिंग के लिए आवेदन करें
स्थापना के बाद पोर्टल पर संयंत्र का विवरण जमा करें और नेट मीटर के लिए आवेदन करें। डिस्कॉम निरीक्षण कर मीटर लगाती है।
बैंक विवरण जमा करें और सब्सिडी पाएँ
डिस्कॉम कमीशनिंग प्रमाण-पत्र जारी करे तो पोर्टल पर बैंक खाता विवरण और रद्द चेक जमा करें। सब्सिडी आपके खाते में आ जाती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
पीएम सूर्य घर में कितनी सब्सिडी मिलती है?
बेंचमार्क कीमतों पर केंद्रीय सब्सिडी 1 किलोवाट सिस्टम के लिए ₹30,000, 2 किलोवाट के लिए ₹60,000 और 3 किलोवाट या बड़े सिस्टम के लिए ₹78,000 है। सब्सिडी की सीमा 3 किलोवाट है, इसलिए बड़े सिस्टम पर अधिक केंद्रीय सहायता नहीं मिलती।
पीएम सूर्य घर की सब्सिडी कैसे तय होती है?
योजना 2 किलोवाट तक की क्षमता पर सोलर यूनिट लागत का 60% और 2 से 3 किलोवाट के बीच की क्षमता की अतिरिक्त लागत का 40% देती है। पहले दो किलोवाट पर अधिक सहायता मिलती है।
क्या मैं खुद सोलर लगवाकर बाद में सब्सिडी ले सकता हूँ?
नहीं। पहले डिस्कॉम से व्यवहार्यता मंज़ूरी लेनी होगी और राष्ट्रीय पोर्टल पर पंजीकृत विक्रेता से ही लगवाना होगा। मंज़ूरी से पहले लगवाने या अपंजीकृत विक्रेता से लगवाने पर सब्सिडी जा सकती है।
क्या आवेदन के लिए घर अपना होना ज़रूरी है?
जिस संपत्ति या छत पर सिस्टम लगेगा उसके स्वामित्व का प्रमाण चाहिए, साथ में परिवार के नाम का वैध बिजली कनेक्शन।
पीएम सूर्य घर की सब्सिडी कहाँ आती है?
स्थापित सिस्टम के लिए डिस्कॉम के कमीशनिंग प्रमाण-पत्र जारी करने के बाद, पोर्टल पर आपके जमा किए बैंक खाते में।
अपने राज्य से आवेदन
पीएम सूर्य घर केंद्र सरकार की योजना है, इसलिए हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में लागू है। सत्यापन और राज्य द्वारा जारी दस्तावेज़ों की ज़रूरत राज्य के हिसाब से अलग हो सकती है।
संबंधित योजनाएँ
पीएम-किसान
पीएम-किसान भूमिधारक किसान परिवारों को साल में ₹6,000 की आय सहायता देती है, जो ₹2,000 की तीन बराबर किस्तों में सीधे बैंक खाते में आती है। अब तक 23 किस्तें जारी हो चुकी हैं; 24वीं किस्त की तारीख अभी घोषित नहीं हुई है।
पीएम-जय
पीएम-जय पात्र परिवारों को अस्पताल में भर्ती के लिए हर साल ₹5 लाख का स्वास्थ्य कवर देती है, जो सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस है। अक्टूबर 2024 से 70 साल या उससे अधिक उम्र का हर नागरिक, आय चाहे जो हो, आयुष्मान वय वंदना कार्ड से पात्र है।